सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

BJP Manifesto 2014 & 2019, PRICE RISE

बी.जे.पि. के 2014 से 2018 तक के सफ़र को देखें तो हर साल किसी न किसी वस्तु या सामान का दाम बढ़ता ही जा रहा है| फिर चाहे हाल ही में पेट्रोल और डीजल के दाम हो, या पिछले साल की रोजमर्रा की चीजों का| पेट्रोल और डीज़ल के दामो में बढ़ोत्री की वजह से बाकी सामानों की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला है| पेट्रोलियम मंत्रालय ने 2014 में पेट्रोल पर 3.39 रुपये टैक्स लगाये थे, जिसे 2017 में 4 गुना बढाकर 12.49 रुपये कर दिया गया| NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा सरकार ने पेट्रोल पर लगे टैक्स से लगभग 18 हजार करोड़ रुपये कमाए हैं, जिनमे लगभग 7 हजार करोड़ रुपये राज्य सरकारों ने और 11 हजार करोड़ केंद्र सरकार ने कमाए हैं | सरकार अपनी जेब तो भर रही है पर आम जनता के लिए महंगाई बढती ही जा रही है| अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम जब कम था तो उस समय भी भारत में पेट्रोल के दाम बढ़ रहे थे| बढ़ते-बढ़ते पेट्रोल का दाम 90 रुपये प्रति लिटर तक पहुँच गया | हमारे पड़ोसी देश पकिस्तान में  पेट्रोल की किमत 56 रुपये प्रति लिटर है | अगर बात करे यु.पी.ए. सरकार की तो 2000-2010 में पेट्रोल के दाम में 112% की वृद्धि ह
हाल की पोस्ट

BJP Manifesto 2014 & 2019, PROMOTION OF SPORTS

मौजूदा सरकार ने खेल को बढ़ावा देने के लिए 'खेलो इंडिया' नाम से एक अभियान चलाया| जिसका लक्ष्य खेलों को ग्रामीण इलाक़ों और शहरी इलाकों में खेलों को बढ़ावा देना था | भारतीय खेल प्राधिकरण ने 289 खेल केंद्रों के माध्यम से देश में उपरोक्त खेल प्रचार योजनाओं को लागू करने के लिए 10 क्षेत्रीय केंद्रों और 02 शिक्षण संस्थानों की स्थापना की है। वर्ष 2016-17 के दौरान 27 खेल के अलग-अलग क्षेत्रो में 13684 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया गया | जिनमे 9653 लड़के और 4031 लड़कियां शामिल थी| वहीं यु.पी.ए. सरकार के राज में इंडियन प्रीमियर लीग, हॉकी इंडिया लीग, प्रो कबड्डी लीग , प्रीमियर बैडमिंटन लीग , हीरो इंडियन सुपर लीग जसे बड़े टूर्नामेंट का आयोजन कराया जो की काफी हद तक सफल रहा | यु.पी.ए. सरकार ने भी ग्रामीण इलाकों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए 'पंचायत युवा क्रीडा और खेल अभियान' चलाये जाने के लिए 1500 करोड़ का बजट दिया था|  

BJP Manifesto 2014 & 2019, RAILWAY

पिछले पांच वर्षों में 586 रेल दुर्घटनाओं में से लगभग 53 प्रतिशत दुर्घटना ट्रेन के पटरी से उतरने के कारण हुई है| जिसमे 328 लोगों की जान गयी है और 704 लोग घायल हुए हैं| एन.डी.ए. सरकार ने 2018 में बुलेट ट्रेन की आधार शिला रख दी है| देश की पहली बुलेट ट्रेन की 2022 के अंत तक मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलने की संभावना है। 508 किलोमीटर , हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर जापानी सहायता से बनाया जा रहा है। ट्रेन के किराए में कटौती के बाद से आम लोगो को इसका बहोत लाभ मिला है| रेलवे ने कर्नाटक के बेंगलुरु , गडग और मैसूरु से आने वाली पांच दक्षिण-पश्चिम ट्रेनों में एसी कोच का किराया 235 रुपये तक घटा दिया है। ट्रेन की यात्रा को बढ़ावा देने के लिए इन कीमतों को घटाया गया है| वहीं अगर बात करें यु.पी.ए. सरकार की तो 2009-15 के बिच रेल दुर्घटना में मरने वालो की संख्या 803 थी| 2013 में यु.पी.ए सरकार ने रेल के किराए बढाए थे क्योंकि रेलवे को 2004-5 में 6,151 करोड़ का और 2010-12 में 19,964 करोड़ का घाटा हुआ था| इस घाटे की आपूर्ति के लिए रेल के किराए बढाए गए थे|

BJP Manifesto 2014 & 2019, School Education

यु.पी.ए. सरकार ने शिक्षा को अधिक प्राथमिकता दी| शिक्षा के बजट में हर साल बढ़ोत्री देखने को मिली | यु.पी.ए. सरकार ने 2013 में शिक्षा के लिए 65 , 867 करोड़ रुपये आवंटित किया | सर्व शिक्षा अभियान और शिक्षा का अधिकार (आर.टी.इ.) अधिनियम को मजबूती से लागू किया गया| 2013-14 के बजट में सर्व शिक्षा अभियान के लिए 27 , 258 करोड़ रुपये आवंटित किये गए थे| राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान ( RMSA) को और बढ़ावा देने के लिए 3 , 983 करोड़ रुपये दिए गए थ| मिड-डे-मील (एमडीएम) योजना को 13 , 215 करोड़ रुपये आवंटित किये गए| मिड-डे-मील का असर माध्यमिक विद्यालयो पर देखने को मिला| इसकी वजह से छात्रो की उपस्थिति में बढ़ोत्री दिखी, साथ ही छात्रों की सेहत में भी सुधार देखने को मिला| " शिक्षा का अधिकार" (आर.टी.इ.) ऐक्ट की वजह से शिक्षा का स्तर और ऊपर हुआ है| एन.डी.ए. सरकार ने माध्यमिक शिक्षा के लिए जनता से अलग से सेस कर यानी की उपकर बढ़ा दिया है जिसकी वजह से हर साल लगभग 11 हज़ार करोड़ की राशि सरकार को मिलेगी| एन.डी.ए. सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान को एक पेट परियोजना के रूप में लॉन्च किया था। 2017

BJP Manifesto 2014 & 2019, Science and Technology - India Innovates and India

एन.डी.ए. सरकार ने अपने कार्यकाल में  विज्ञान और प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने के लिए बजट में काफी बढ़ोत्री की है | विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का बजट इस बार 6.11% से बढाकर 12 , 322.28 करोड़ कर दिया गया है| वहीं परमाणु ऊर्जा विभाग में भी 5.76% बढ़ाकर 13 , 971.41 करोड़ कर दिया गया है | फरवरी 2018 में , केंद्रीय मंत्रिमंडल ने   प्रधान मंत्री अनुसंधान (पी.एम.आर.एफ.) ' योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी दी है , जो कि कुल मिलाकर 1 , 650 करोड़ रुपये की लागत के माध्यम से विकास के मिशन को बढाने की ओर अग्रसर है | फरवरी 2018 में भारत सरकार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और मानव संसाधन और विकास विभाग द्वारा बनाए गए एक फंड इंपैक्टिंग रिसर्च इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी   के दूसरे चरण के लिए 1 , 000 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। । भारत सरकार ने 24.84 मिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ अटल इनोवेशन मिशन को मंजूरी दी | जिससे की शिक्षाविदों , उद्यमियों और शोधकर्ताओं को नई खोज की दिशा में काम करने के लिए बढ़ावा मिलेगा। वादी यु.पी.ए. सरकार का बजट देखे तो विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को 6 , 275 करोड़ रु

BJP Manifesto 2014 & 2019, Taxation

2011-12 में प्रत्यक्ष कर के लिए कर जीडीपी अनुपात 5.5 प्रतिशत और अप्रत्यक्ष करों के लिए 4.4 प्रतिशत था। ये अनुपात किसी भी बड़े विकासशील देश के लिए सबसे कम हैं | आम लोगो को आयकर में राहत देने के लिए यु.पी.ए. सरकार ने 10 प्रतिशत की महंगाई दर और 2 , 00 , 000 रुपये से 2 , 20 , 000 रुपये तक की सीमा में वृद्धि को देखते हुए 5 लाख रुपये तक की कुल आय वाले प्रत्येक व्यक्ति को 2 , 000 रुपये का कर क्रेडिट प्रदान किया गया | 1.8 करोड़ करदाताओं को 3 , 600 करोड़ रुपये का फायदा हुआ | 2012-2013 में केवल 42 , 800 व्यक्ति थे जिन्होंने प्रति वर्ष 1 करोड़ रुपये से अधिक कर योग्य आय को स्वीकार किया था  उन व्यक्तियों पर 10 प्रतिशत का अधिभार कर लगाया गया | जिनकी कर योग्य आय प्रति वर्ष 1 करोड़ रुपये से अधिक है | वही देश की बड़ी कंपनियों पर जिनकी कर योग्य आय 10 करोड़ रुपडे से अधिक है | उन पर आय कर 5% से बढ़ाकर 10% कर दिए गया था | एन.डी.ए. सरकार ने 2018 के बजट में  वेतनभोगी व्यक्तियों को परिवहन भत्ता 19 , 200 प्रति वर्ष के लिए वर्तमान छूट के स्थान पर आय में 40 , 000 की मानक कटौती मिलेगी और अलग-अलग चिकित्सा खर्चों की

BJP Manifesto 2014 & 2019, UNIFORM CIVIL CODE

भारत के संविधान के अनुच्छेद 44 में सामान नागरिक संहिता को राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांतों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। बीजेपी का मानना है कि ऐसे समय तक लैंगिक समानता नहीं हो सकती है जब तक कि भारत एक समान नागरिक संहिता नहीं अपनाता है , जो सभी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करता है | राजनीतिक बहस शुरू करने की संभावना के दूरगामी निर्णय में , मोदी सरकार ने कानून आयोग से समान नागरिक संहिता को लागू करने के मुद्दे की जांच करने के लिए कहा है। पहली बार किसी सरकार ने एक समान नागरिक संहिता के राजनीतिक रूप से विवादास्पद मुद्दे पर गौर करने के लिए आयोग से कानूनी सुधार पर महत्वपूर्ण सलाहकार की भूमिका मांगी है। वही यु.पी.ए. सरकार के दौरान 1985 में शाहबानो केस के दौरान समान नागरिक संहिता भारतीय राजनीति में एक बहस बन गई। सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि मुस्लिम महिला बानो को अपने पूर्व पति से गुजारा भत्ता मिलना चाहिए। उस फैसले के संदर्भ में , अदालत ने कहा था कि समान नागरिक संहिता व्यक्तिगत कानून के लिए लागू होनी चाहिए। यु.पी.ए. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए संसद में विवादास्पद